यहाँ हमने खराब किस्मत शायरी की लिस्ट दी है, जिसमें Sad Kharab Kismat Shayari, Buri Kismat Shayari, Heart Touching Kharab Kismat Shayari और कई गहरे एहसासों से भरी शायरियां शामिल हैं।
Kharab Kismat Shayari आपके नसीब की मार, अधूरी ख्वाहिशें और जिंदगी के कड़वे अनुभवों को शब्दों में बयां करने का एक सच्चा तरीका होती है। यह उन पलों को दर्शाती है जब सब कुछ सही होने के बावजूद किस्मत साथ नहीं देती।
जो लोग अपनी टूटी उम्मीदें, अधूरी ख्वाहिशें और जिंदगी की सच्चाई को व्यक्त करना चाहते हैं, उनके लिए यह Kharab Kismat Shayari एक बेहतरीन तरीका है। चाहे आपको छोटी और सटीक लाइनें पसंद हों या गहरी दिल को छू जाने वाली शायरी, सही शब्द आपके दर्द को और भी गहराई से दिखाते हैं।
यहाँ आपको खराब किस्मत शायरी का बड़ा कलेक्शन मिलेगा। अपनी पसंदीदा शायरी चुनें और अपने जज़्बातों को शब्दों में बयां करें।
खराब किस्मत शायरी

हमने तो हर मोड़ पर वफा की थी,
पर किस्मत ने ही हमसे बेवफाई कर ली।
जब तक संभलने की कोशिश की,
किस्मत ने एक और ठोकर मार दी।
वो चीजें भी हमें नहीं मिलतीं,
जो कभी हमारी हथेलियों की लकीरों में थीं।

लोग बदलते हैं वक्त के साथ,
मेरी तो किस्मत ही बदल गई मेरे ही खिलाफ।
तिनका-तिनका जोड़कर बनाया था आशियाना,
पर बदकिस्मती की आंधी सब उड़ा ले गई।
मेरी बर्बादी का मंजर देखने वाले सुन,
इसमें मेरी मेहनत की कमी नहीं, बस किस्मत की हार है।

हर खुशी मेरे दरवाजे तक आकर लौट जाती है,
जैसे मेरी किस्मत उससे खफा रहती है।
किस्मत का खेल भी अजीब है,
जो दिल के करीब है वही नसीब में नहीं।
अपनी ही लकीरों से लड़ रहा हूँ मैं,
शायद खुदा ने मेरा नसीब ही अधूरा लिखा है।
मंज़िलें सामने थीं और रास्ते भी साफ़ थे,
बस मेरी किस्मत ही मेरे खिलाफ थी।
Kharab Kismat Shayari

Humne manga tha saath unka,
kismat ne de di tanhaiyan.
Har koshish nakaam hui,
lagta hai meri kismat hi kahin so gayi hai.
Kanch ka dil tha,
pathar ki kismat,
tootna to lazmi tha.

Log sitaron se kismat badalte hain,
humne to apno se hi kismat haar di.
Mere naseeb mein likha hai rona,
shayad khushi meri kismat mein hai hi nahi.
Duniya badalti dekhi thi,
par meri to kismat hi mujhse ruth gayi.

Har mod par milti hai nakamyabi,
yeh kismat ka kaisa khel hai khuda?
Kismat ki lakeeron ne aisa dhoka diya,
ki ab kisi par bharosa nahi hota.
Manzil milte milte reh gayi,
meri kismat mere hi raste ka patthar ban gayi.
Duaon ne bhi rasta mod liya,
jab meri buri kismat ne zor pakad liya.
खराब किस्मत शायरी 2 लाइन

नसीब का लिखा कोई मिटा नहीं सकता,
और मेरा नसीब कोई बना नहीं सकता।
हाथों की लकीरें भी क्या अजीब हैं,
मुट्ठी में तो हैं पर काबू में नहीं।
मेरी फूटी किस्मत का आलम तो देखो,
जो मेरा था वो कभी मिला ही नहीं।

हमने तो वफा की हर हद पार की,
पर किस्मत ने दगा की हर हद पार कर दी।
किस्मत की मार से डरता हूँ,
वरना दुश्मनों की क्या औकात।
सितारे भी गवाही देते हैं मेरी तन्हाई की,
मेरी किस्मत ही वैरी है मेरी परछाई की।

लोग कहते हैं मेहनत करो,
पर कोई बताए कि सोई किस्मत को कैसे जगाएं?
हार जीत तो लगी रहती है,
पर मेरा तो खेल ही किस्मत ने बिगाड़ दिया।
चाहा था जिसे वो किसी और का हो गया,
मेरी किस्मत का चिराग ही खो गया।
लिख नहीं सकता मैं अपना नसीब,
वरना खुद को खुशियों का राजा बना देता।
Meri Kismat Shayari

मेरी किस्मत में बस इंतज़ार लिखा है,
और जिससे मिलना था उसका इनकार लिखा है।
खुदा ने मेरी किस्मत के पन्ने ही
शायद स्याही गिरा कर काले कर दिए।
लोग पूछते हैं तुम्हारी उदासी की वजह,
अब कैसे कहूँ कि मेरी किस्मत ही बुरी है।

मेरी किस्मत का लिखा मुझे रुलाता है,
हर खुशी से पहले एक नया गम आता है।
कांच के टुकड़ों की तरह बिखरी है मेरी किस्मत,
समेटने की कोशिश में हाथ ही जख्मी होते हैं।
शायद मेरे नसीब में ही नहीं था वो सुकून,
जिसकी तलाश में मैंने उम्र गुज़ार दी।

मेरी किस्मत ने मुझे उस मोड़ पर ला खड़ा किया,
जहाँ से पीछे हटना भी मुमकिन नहीं।
हर बार जीत की दहलीज पर आकर हार जाता हूँ,
अपनी किस्मत पर अक्सर आंसू बहाता हूँ।
मेरी हथेली की ये लकीरें बहुत उलझी हुई हैं,
शायद इसीलिए मेरी ज़िंदगी इतनी मुश्किल है।
मेरी किस्मत का सूरज कभी उगता ही नहीं,
जैसे अंधेरों ने ही घर बना लिया हो।
Buri Kismat Shayari
बुरी किस्मत का साया हरदम साथ रहता है,
जैसे कोई बुरा ख्वाब पलकों पर टिका रहता है।
जब वक्त बुरा हो तो साया भी साथ छोड़ देता है,
ये बुरी किस्मत ही है जो हर रिश्ता तोड़ देती है।
हमने चाहा था उजाला मिले उम्र भर,
पर बुरी किस्मत ने अंधेरे ही तोहफे में दिए।
महफिल में भी तन्हा रहना मेरी आदत नहीं,
मेरी बुरी किस्मत की मजबूरी है।
ज़हर का प्याला तो पी लेते शौक से,
पर बुरी किस्मत का ये ज़हर रोज़ जीना मुश्किल करता है।
हम तो फूलों की तलाश में थे,
पर बुरी किस्मत ने कांटों से दामन भर दिया।
खुशियाँ मिलीं भी तो उम्र बहुत छोटी थी,
बुरी किस्मत ने उन्हें भी जल्द ही छीन लिया।
लोग पत्थर मारते हैं तो दर्द नहीं होता,
पर जब बुरी किस्मत वार करती है तो रूह कांपती है।
हमने तो दरिया पार कर लिया था हौसले से,
किनारे पर आकर मेरी बुरी किस्मत डूब गई।
किस्मत की ये मार अब सही नहीं जाती,
ये तिल-तिल की मौत अब झेली नहीं जाती।
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