यहाँ हमने Rishte Shayari in Hindi की लिस्ट दी है, जिसमें Family Rishte Shayari, Dil Ke Rishte shayari, Emotional Rishte Shayari, Matlabi Rishte Shayari और कई खूबसूरत शायरियां शामिल हैं।
Rishte Shayari आपके अपनों के साथ जुड़ाव, भरोसा और भावनाओं को शब्दों में बयां करने का सबसे प्यारा तरीका होती है। यह शायरी रिश्तों की अहमियत, उनकी मिठास और कभी-कभी उनमें आने वाली दूरियों को भी खूबसूरती से दर्शाती है।
जो लोग अपने रिश्तों की गहराई और उनकी अहमियत को समझते हैं, उनके लिए यह Rishte Shayari एक बेहतरीन तरीका है। चाहे आपको सच्चे प्यार की बातें पसंद हों, परिवार के लिए भावनात्मक लाइनें या दोस्ती की यादें, सही शब्द हर रिश्ते को और भी खास बना देते हैं।
यहाँ आपको Rishte Shayari in Hindi का बड़ा कलेक्शन मिलेगा। अपनी पसंदीदा शायरी चुनें और अपने रिश्तों की खूबसूरती को शब्दों में बयां करें।
Rishte Shayari in Hindi

रिश्तों की अहमियत वही समझता है,
जिसने कभी किसी को खोने का डर सहा हो।
रिश्ते खून के नहीं एहसास के होते हैं,
अगर एहसास है तो पराये भी अपने हैं।
धागा ही समझ लो साहब, पर तोड़ना मत,
क्योंकि गांठ पड़ जाए तो वो बात नहीं रहती।

जहाँ कद्र न हो वहाँ रहना बेकार है,
चाहे वो किसी का घर हो या किसी का दिल।
सादगी में ही रिश्तों की खूबसूरती है,
बनावट तो अक्सर दूरियां पैदा करती है।
प्यार और विश्वास रिश्तों की नींव हैं,
अगर एक भी हिला तो पूरी इमारत गिर जाती है।

मीठे बोल ही रिश्तों का गहना हैं,
वरना कड़वाहट तो ज़हर घोल देती है।
रिश्ते निभाने का हुनर सब में नहीं होता,
कुछ लोग तो बस अपनी मर्ज़ी चलाते हैं।
अपनों के बीच रहकर भी अगर अकेलापन लगे,
तो समझ लेना कि रिश्ता सिर्फ नाम का है।
ज़िंदगी के सफर में हमसफर वही अच्छा है,
जो हर मोड़ पर साथ निभाना जानता हो।
दिखावे के रिश्ते शायरी

आजकल के रिश्ते तो बस सेल्फी तक सीमित हैं,
मुस्कुराहट तस्वीर में है और दिल में ज़हर।
दिखावे की नजदीकियों से बेहतर है,
कि इंसान अकेला रहकर अपनी शान में जिए।
लोग पीठ पीछे बुराई करते हैं
और सामने भाई-भाई कहते हैं,
ये दुनिया बड़ी मतलबी है।

वो हाथ क्या मिलाएंगे जिनसे दिल नहीं मिलते,
दिखावे की ये दुनिया हमें रास नहीं आती।
शोर तो बहुत है महफ़िल में रिश्तों का,
पर ज़रूरत पड़ने पर सब गायब हो जाते हैं।
मीठी बातों पर कभी भरोसा मत करना,
क्योंकि शिकारी हमेशा दाना डाल कर ही जाल बिछाता है।

दिखावे के अपनों से तो वो दुश्मन भले हैं,
जो कम से कम मुखौटा तो नहीं पहनते।
रिश्तों का बाज़ार लगा है साहब,
यहाँ वफ़ा की जगह बस दिखावा बिकता है।
जहाँ सिर्फ तारीफें हों वहाँ समझ लेना,
कि रिश्ता सिर्फ स्वार्थ पर टिका है।
अब किसी की खामोशी से डर नहीं लगता,
डर तो उन लोगों से लगता है जो ज़ुबान से शहद टपकाते हैं।
Dil Ke Rishte Shayari

दिल के रिश्ते तो खुदा बनाता है,
ज़मीन पर तो बस हम उन्हें नाम देते हैं।
वो रिश्ता ही क्या जिसमें हर बात पर सफ़ाई देनी पड़े,
दिल के रिश्ते तो खामोशी भी समझ लेते हैं।
रूह से रूह का मिलन ही असली मोहब्बत है,
जिस्म तो बस एक मिट्टी का खिलौना है।

हज़ारों यार मिले ज़िंदगी में,
पर जो दिल से अपना कहे वही असली यार है।
दिल के रिश्तों में दिमाग का कोई काम नहीं,
यहाँ सिर्फ एहसास ही काफी है।
तेरी यादों का बसेरा है इस दिल में,
ये रिश्ता दुनिया की हर चीज़ से ऊपर है।

जहाँ बिना कुछ कहे सब समझ लिया जाए,
वही सबसे खूबसूरत दिल का रिश्ता है।
फासले चाहे कितने भी हों,
दिल के रिश्ते कभी दूर नहीं होते।
खून का रिश्ता तो मजबूरी भी हो सकता है,
पर दिल का रिश्ता सिर्फ चुनाव होता है।
मेरी हर दुआ में शामिल है तेरा नाम,
यही है मेरा तुझसे रूहानी रिश्ता।
Rishte Shayari in Hindi 2 Line

रिश्ते संवारने के लिए झुकना पड़े तो झुक जाओ,
पर बार-बार तुम्हें ही झुकना पड़े तो रुक जाओ।
कद्र करनी है तो जीते जी करो,
मरने के बाद तो दुश्मन भी रो देते हैं।
बहुत बोझ होता है उन रिश्तों में,
जिन्हें सिर्फ एक तरफ से निभाया जाता है।

धागा टूटा तो फिर जुड़ नहीं पाता,
और जुड़ा भी तो गांठ रह जाती है।
आजकल लोग दिल से नहीं,
अपनी ज़रूरत से रिश्ता रखते हैं।
रिश्ता वही है
जो मुश्किल वक्त में आईना बने,
न कि तमाशा देखे।

अहमियत उनकी नहीं जो हमेशा साथ हों,
अहमियत उनकी है जो दूर रहकर भी पास हों।
खामोशियाँ ही बेहतर हैं,
शब्दों से तो अक्सर अपने रूठ जाते हैं।
कांच और रिश्ता दोनों ही नाज़ुक हैं,
एक बार टूटे तो चुभने लगते हैं।
सलीका मोहब्बत का हमें भी आता है,
बस हम रिश्तों का तमाशा नहीं बनाते।
Matlabi Rishte Shayari
ज़रूरत थी तो हम जान थे उनकी,
ज़रूरत खत्म तो हम अनजान हो गए।
मतलब के रिश्ते तो हर कोई निभाता है,
मज़ा तो तब है जब कोई बिना मतलब साथ दे।
निकल जाए काम तो फिर कौन किसका होता है,
यहाँ हर इंसान बस अपना फायदा देखता है।
बहुत भीड़ थी मतलबी लोगों की ज़िंदगी में,
अच्छा हुआ जो हम अकेले रह गए।
लोग बदलते नहीं साहब,
बस उनके चेहरे से मतलब का नकाब उतर जाता है।
इस बाज़ार में हर कोई बिकता है,
बस खरीदने वाले के पास मतलब होना चाहिए।
हम तो बेवकूफ थे जो सबको अपना समझ बैठे,
यहाँ तो हर कोई ज़रूरत के लिए बैठा है।
मतलबी दुनिया का इतना सा फ़साना है,
काम निकल गया तो फिर कौन सा ठिकाना है।
जहाँ स्वार्थ शुरू होता है,
वहाँ से वफ़ा विदा हो जाती है।
कद्र करना सीख लो,
क्योंकि मतलब खत्म होते ही दुनिया बदल जाती है।
बिखरते रिश्ते शायरी
दीवारें छोटी क्या हुई घर की,
अपनों ने अपनी हदें ही भुला दीं।
एक छोटी सी गलतफहमी ने वो महल गिरा दिया,
जिसे बनाने में सदियाँ लगी थीं।
अब वो बात नहीं रही बातों में,
लगता है फासले अब दिल में उतर गए हैं।
बिखरते हुए रिश्तों को समेटने की कोशिश मत करो,
क्योंकि टूटे हुए टुकड़े सिर्फ ज़ख्म देते हैं।
जब विश्वास की डोर टूटती है,
तो सगे भाई भी बेगाने लगने लगते हैं।
मकान तो वही है बस घर बदल गया है,
क्योंकि रहने वालों के दिल बदल गए हैं।
खामोशी से भी रिश्ते बिखर जाते हैं,
ज़रूरी नहीं कि हर बार झगड़ा ही हो।
हम तो उम्र भर साथ चलने का वादा कर बैठे थे,
पर तुम तो पहली ठोकर में ही हाथ छोड़ गए।
बिखरते रिश्तों का मंज़र भी बड़ा अजीब होता है,
साथ रहने वाले भी अजनबी नज़र आते हैं।
काश हम वक्त रहते उन दरारों को भर देते,
तो आज ये घर वीरान न होता।
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